कंप्यूटर Virus क्या है What is computer virus in hindi

दोस्तों इस टुटोरिअल में हम देखेंगे कंप्यूटर वायरस क्या होता है What is computer virus in hindi यह कितने प्रकार का होता है साथ ही यह भी देखेंगे वायरस हमारे कंप्यूटर को किस प्रकार हानि पहुँचाता है और साथ ही इसके उपाय देखंगे की हम किस प्रकार वायरस को कंप्यूटर तथा फ़ोन से हटा सकते है और किस प्रकार एक वायरस का निर्माण होता है | आपने बहुत बार सुना होगा की हमारे कंप्यूटर में वायरस आ गए है पर सायद ही आप यह जानते हो की वायरस malware  का ही एक प्रकार है जिस प्रकार अन्य वायरस है उसी प्रकार वायरस भी एक malware का प्रकार है |

Malware क्या है (What is Malware)

Malware को Malicious Software भी कहाँ जाता है | Malware एक अनचाहा कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जो हमारे कंप्यूटर के सारे डाटा (Data) तथा फाइल्स (Files) को Delete, remove तथा Corrupt कर देता है जिससे कंप्यूटर फॉर्मेट (Format) हो सकता है यह वायरस स्वयं ही कॉपी हो सकता है तथा कंप्यूटर को बिना यूजर की अनुमति के इन्फेक्ट (infect) कर देता है | ये वायरस कंप्यूटर में आते ही हमारे सारे डॉक्यूमेंट, फाइल तथा डाटा को Crash कर देता है तथा उन्हें Remove भी कर देता है और वायरस हमारे कंप्यूटर को बहुत ज्यादा हैंग अर्थात यह कंप्यूटर को बहुत ज्यादा Slow कर देता है | कुछ Malware इतने हानिकारक होते है की वह पुरे कंप्यूटर सिस्टम यहां तक की हार्डडिस्क को भी क्रैश कर देता है |

computer virus

Malware का इतिहास (History of Malware)

सर्प्रथम कंप्यूटर वायरस 1970 के दशक में रॉबट थॉमस के द्वारा बनाया गया था | रॉबट थॉमस जो की एक कंप्यूटर इंजीनियर थे इन्होने जो वायरस सर्वप्रथम तैयार किया उसका नाम क्रीपर रखा गया | ये वायरस उतना हानिकारक तो नहीं था परन्तु ये स्क्रीन में आके कंप्यूटर के कार्य को रोकने का प्रयास करता था यह कंप्यूटर स्क्रीन पर बार बार एक ही मैसेज दिखाता था जो इस प्रकार था “I’M THE CREEPER CATCH ME IF YOU CAN” यह वायरस उतना विनाशक तो नहीं था परन्तु उस समय पर जब कंप्यूटर यूजर के पास ये अलर्ट मैसेज दिखाई देता तो वह डर जाता था क्युकी उस समय किसी के पास इस की जानकारी नहीं थी और उस समय इस वायरस को वायरस नाम न देके एक प्रोग्राम का नाम दिया था | बाद में इंजीनियर की सहायता से इस का तोड़ निकाला गया और एक Antivirus बनाया गया |

वाइरस किस प्रकार फैलता है (How do virus spread)

  • इंटरनेट पर अवैध फाइल डाउनलोड करने से |
  • ई० मेल एवं उससे जुडी फाइलो द्वारा |
  • Illegal वेबसाइटो द्वारा
  • ब्लू-टूथ तथा अन्य डाटा ट्रांसफर डिवाइसेस द्वारा |
  • Illegal सॉफ्टवेयर द्वारा

Malware के प्रकार (Types of Malware)

types of malware

वायरस  (Virus)

वायरस का पूर्ण रूप (Vital Information Resource Under Seize) Computer वायरस मनुष्य शरीर में पाए जाने वाले वायरस की भाती एक हिस्से से दूसरे हिस्से में फैलता जाता है और पुरे सिस्टम को धीरे धीरे नष्ट कर देता है |यह वायरस सिस्टम सॉफ्टवेयर तथा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर दोनों को ही नुकशान पहुँचाता है | वायरस को कंप्यूटर प्रोग्राम्स अर्थात प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के द्वारा सॉफ्टवेयर कंपनी या फिर कोई प्रोग्रामर के द्वारा बनाया जाता है और हमारे कंप्यूटर तक भेजा जाता है जिस से हमारे कंप्यूटर का सारा डाटा चोरी हो सके | वायरस हमारे कंप्यूटर में आंतरिक (Internal) तथा बाहरी (External) दोनों प्रकार से आ सकता है सबसे अधिक वायरस का खतरा इंटरनेट के द्वारा रहता है हम जब भी इंटरनेट चलाते है तो हम किसी भी वेबसाइट को खोल लेते है बिना ये जाने की इसके अंदर एक वायरस भी हो सकता है या फिर हम कोई भी ऐसी फाइल डाउनलोड कर लेते है जिस मे पहले से ही वायरस रहता है या कोई ऐसाएप्लीकेशन सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर लेते है जो हमारे कंप्यूटर को छति पहुंचा सकते है और हमारे कंप्यूटर की सारी फाइल को भी नष्ट कर सकता है | दूसरा जो कंप्यूटर वायरस का मुख्य कारण है वह है रिमूवेबल डिवाइसेस जैसे – CD, DVD, Pen drive, एवं अन्य USB Devices इत्यादि| अब बात आती है की कंप्यूटर वायरस का पता हमे कैसे चलता है इसका मुख्य कारण है कंप्यूटर का धीरे धीरे बहुत स्लो कार्य करना तथा कुछ फाइल का अपने आप ही डुबलीकेट फाइल तैयार होना जैसे आदि कारण हो सकते है |

वॉर्मस (Worms)

वॉर्म्स एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो एक बार कंप्यूटर में घुसते ही अपनी छोटी छोटी फाइल तैयार कर लेता है और पुरे कंप्यूटर में फ़ैल जाता है वॉर्म्स कंप्यूटर में असुरक्षित होल्स को ढूंढ कर उन पर आक्रमण करता है और अपनी कई साडी प्रतिया (Copies) बना लेता है | यह कंप्यूटर में हार्ड डिस्क जैसे पेन ड्राइव, सी० डी० या अन्य डिवाइसेस के द्वारा अथवा इंटरनेट के द्वारा आता है |

ट्रोजन हॉर्स (Trojan Horses)

ट्रोजन हॉर्स दिखने या सुनने में एक साधारण सा वायरस है लेकिन यदि यह कंप्यूटर में फ़ैल गया तो यह कंप्यूटर के सभी डॉक्यूमेंट, फाइल्स के  साथ साथ हार्ड डिस्क तथा किसी डिवाइस को भी नष्ट कर देता है | यह कंप्यूटर में स्वतः ही नहीं फैलता है बल्कि यूजर की गलतियों के द्वारा ही हमारे कंप्यूटर में फैलता है क्युकी हम अनजाने में किसी भी ऐसी वेबसाइट को खोल लेते है तथा कुछ ऐसी फाइलो को डाउनलोड कर लेते है जिससे ये मालवारे हमारे कंप्यूटर में आ जाते है और हमारे कंप्यूटर के सारे डाटा को नष्ट कर देते है |

 बूट रिकॉर्ड वायरस (Boot Record virus)

यह वायरस हमारे में स्टोर हो जाता है जैसे ही हम ऑपरेटिंग सिस्टम को ऑन करते है तो यह हमारे कंप्यूटर स्क्रीन में काम करने लगता है यह वायरस इतना खतरनाक है की इसका पता आसानी से एंटीवायरस भी नहीं लगा पाता है | यह कंप्यूटर में रहने वाला एक लॉन्ग टर्म वायरस है | यदि हमको यह वायरस कंप्यूटर से हटाना है तो इसका एक ही सरल उपाय है की कंप्यूटर को पूरी तरह से फॉर्मेट कर दिया जाए |

ई० मेल  (E-mail)

ई० मेल वायरस ऐसे Unknown source ई० मेल होते है जिनके अंदर एक Malicious सॉफ्टवेयर होता है या फिर ऐसे लिंक (link) होते है जिससे आपके कंप्यूटर में वायरस आ सकते है |

Malware से कैसे बचे-

Malware हमेशा यूजर की कुछ गलतियों (Mistake) कारण ही फैलता है अगर हम इस प्रकार की कोई भी गलती ना करे तो  हम इनके अटैक से बच जायेंगे –

  • इंटरनेट में कोई भी ऐसी वेबसाइट ना चलाये जो SSL प्रमाणित ना हो |
  • किसी भी ई० मेल का लिंक ना खोले, पहले उसका URL चैक कर ले |
  • हार्ड डिस्क जैसे- pen drive, CD आदि को स्कैन करके ही open करे |
  • किसी भी सॉफ्टवेयर को डायरेक्ट install ना करे |
  • कंप्यूटर में Antivirus का प्रयोग जरूर करे |

एंटीवाइरस (Antivirus)

एंटीवाइरस एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जो कंप्यूटर  को वायरस के  आक्रमण से बचाता है | एंटीवाइरस प्रोग्राम्स स्वयं अथवा यूजर की आज्ञा से सिस्टम को चैक करते है तथा दूषित फाइलो को स्कैन करके अलग कर देते है | यूजर वायरस को स्वयं ही नष्ट कर सकता है अथवा सेटिंग में जाकर ऑटोमेटिक मोड़ को सेट कर देते है जिससे वायरस स्कैन होने के उपरांत स्वयं ही नष्ट भी हो जाते है | निचे उदाहण में कुछ एंटीवायरस के प्रकार दिए गए है जिनकी सहायता से वायरस को नष्ट कर सकते है –

Antivirus – AVG, eScan, Avast, McAfee, Avira.

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